खपरी मढी के माँ बंजारी – दुकालू यादव | KHAPARI MADHI KE MAA BANJARI LYRICS | DUKALU YADAV JAS GEET

💕 बंजारी माता 💕
🌹 KHAPARI MADHI KE MAA BANJARI LYRICS🌹
🎵 JAS GEET LYRICS 🎵

  • गीत – बंजारी माता
  • स्वर – दुकालू यादव
  • गीतकार – मनोज दीवान
  • संगीत – मनोज दीवान
  • प्रकार – छत्तीसगढ़ी जस गीत
  • लेबल – सुन्दरानी



स्थायी
खपरी मढी के माँ बंजारी
लागे सरग सही तोर दुवारी
आनी बानी देवी देवता बिराजे
आनी बानी देवी देवता बिराजे
बिराजे छत्तीसगढ़ महतारी

अंतरा 1
सुने रेहेव रिहिस जंग झाड़ी सियान मन बताए
भिंभोरा उपर अमली छांव म माता आसन लगाए
तिरिथ राम अउ सोन साय ला माता सपना मा बताए
दुनो कोई तब होत बिहनिया गांव के मन ला बताए

लाली के चुनरी ओढ़ के दाई
लाली के चुनरी ओढ़ के दाई
बईठे हावै वो जंगल भीतरी

अंतरा 2
गांव के मन हा सब झन मिल के माता के पास म आए
मोहनी रूप देख माता जी के सब झन माथ नवाए
बंजर भुईया जंगल झाड़ी बिच म आसन लगाए
तेखरे सेती माता रानी के बंजारी नाव धराए

कांच कांच के मंदिर सजे हे
कांच कांच के मंदिर सजे हे
जिहा बईठे हे मोर महतारी

अंतरा 3
ध्यान लगाए बईठे शिवशंकर बंजारी मोर दाई के
बजरंगबली हा घलो बिराजे दाई के लंगुरवा भाई
शितला गौरी सरस्वती बिराजे काली माई
गणपति शनिदेव भैरव नंद कन्हाई

जेखर दरस बर दुरिहा दुरिहा ले
जेखर दरस बर दुरिहा दुरिहा ले
दाई आथे वो नर अउ नारी

अंतरा 4
चईत महिना क्वार महिना कोरी कोरी दीया जलथे
खाली हाथ जेन आथे माता मेर ओखर झोली दाई भरथे
चारो मुड़ा बंजारी माता नाव के शोर हा बुड़थे
जिनगी सफल हो जाथे ओखर जे हर माता ला सुमरथे

माता ला सुमिरै जयदास कोसरिया
माता ला सुमिरै जयदास कोसरिया
दाई बना ले अपन पुजारी

आनी बानी देवी देवता बिराजे
आनी बानी देवी देवता बिराजे
बिराजे छत्तीसगढ़ महतारी
खपरी मढ़ी के माँ बंजारी
लागे सरग सही तोर दुवारी



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