एक राजा के कहानी Ek Raja Ke Kahani Lyrics – Dukalu Yadav Old Jas Geet Lyrics | पुराना जस गीत के बोल

एक राजा के कहानी – दुकालू यादव
🌷Ek Raja Ke Kahani Lyrics🌷
🌺Old Jas Geet Lyrics🌺
  • गीत : एक राजा के कहानी
  • गायक : दुकालू यादव

 

स्थायी
सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी
सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी
यहो एक राजा के कहानी संतो एक राजा के कहानी
यहो एक राजा के कहानी संतो एक राजा के कहानी
यहो सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी
यहो सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी


अंतरा 1
यहो बोली बचन के भारी अरथ हे सुनिहौ चेत लगाये
 
बचन के महिमा गाथौ मै हर गुनिजन लेहु भंजाऐ
 
यहो बाम्हन हरि हर बंधे बचन मा बली के आस पुराये
 
कश्यप आदीती नारायण ला बचन मे अपन बंधाये
 
यहो विधि के लिखना अटल हे जग में झन करिहौ गा नादानी
 
यहो विधि के लिखना अटल हे जग में झन करिहौ गा नादानी
 
यहो सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी
 
यहो सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी


अंतरा 2
यहो एकरे सेती ओ अवतर के सउहे नारायण आये
 
दूध पिये नई वो देवकी के यशोदा के मान बढ़ाये
 
यहो गोपी मन के जम्मो बचन ला कृष्ण जी हावै निभाये
 
राजा मोरजध्वज हारे बचन ला बचन म हरि ला फंसाये
 
यहो हरि के लीला हरि हर जाने आगु से सुनिहौ बानी
 
यहो हरि के लीला हरि हर जाने आगु से सुनिहौ बानी
 
यहो सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी
 
यहो सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी


अंतरा 3
यहो गरब टोरे बर अर्जन के गा कृष्ण हा माया रचाये
 
बाम्हन रूप ला धारण के राजा के घर मा आये
 
यहो भूख प्यास में कलपत हावन राजा ला बचन सुनाये 
 
राजा बोले का तुम खाहूं मोला देहूं बताये 
 
यहो हमर संग मे एक बघवा हे मांस के खाथे चानी
 
यहो हमर संग मे एक बघवा हे मांस के खाथे चानी
 
यहो सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी
 
यहो सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी


अंतरा 4
यहो बाम्हन रूपी बोले नारायण जेवन दुहूं बनाये
 
तीन थारी हम खाबोन कही के राजा ला हावै चेताये
 
यहो तोर बेटा के मांस ला बघवा खाही कही के बताये
 
अतका गोठ ला सुन के राजा उही करा चकराये
 
यहो बेटा के मांस ला कईसे खवाहूं मै मनखे गा परानी
 
यहो बेटा के मांस ला कईसे खवाहूं मै मनखे गा परानी
 
यहो सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी
 
यहो सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी


अंतरा 5
यहो बचन में फंस के राजा मोरजध्वज मन मे हावै भंजाये
 
आरा में काट के अपन बेटा ला तुरते हावै गिराये
 
यहो हिरदय मे पखरा रख के राजा आंसू फेर नई बोहाये
 
लहूं लहूं में सनाये मांस ला सुग्घर हावै धोवाये
 
यहो भुंज बघार के रांध गढ़ के लोटा में दिस फेर पानी
 
यहो भुंज बघार के रांध गढ़ के लोटा में दिस फेर पानी
 
यहो सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी
 
यहो सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी


अंतरा 6
यहो तीन थारी जेवन राजा हर पोरसे हावै सुग्घर 
 
राजा मोरजध्वज ला फिर बोले एक ठन बचन हरि हर 
 
यहो एक थारी अउ जेवन लागे खाही तोर राज कुंवर
 
बाम्हन देवता के गोठ ला सुन के बकखागे राजा हर
 
यहो कहां ले आही मोर बालक हर सुवा उड़गे उड़ानी
 
यहो कहां ले आही मोर बालक हर सुवा उड़गे उड़ानी
 
यहो सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी
 
यहो सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी


अंतरा 7
यहो बाम्हन बोले हांका लगाके बुलाले तै तोर धन ला
 
दौड़त आही तोर बेटा हा खाही संग मा जेवन ला
 
यहो हांका लगा के राजा मोरजध्वज बुलाये अपन रतन ला
 
दौड़त आये ओकर बेटा धीरज बंधइस मन ला
 
यहो गद गद होगे उही करा गा दुनो राजा रानी
 
यहो गद गद होगे उही करा गा दुनो राजा रानी
 
यहो सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी
 
यहो सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी


अंतरा 8
यहो बाम्हन रूप ला छोड़ के हरि हा अपन रूप मा आये
 
राजा मोरजध्वज ला फेर गसरो मरम ला हावै बताये
 
यहो हरि के दर्शन कर के राजा हर भाग अपन सहराये
 
अइसे किसम के राजा के गाथा शारदा मंडल गाये
 
यहो भूल चूक ला समा करहूं गा कोसरिया हे अड़ानी
 
यहो भूल चूक ला समा करहूं गा कोसरिया हे अड़ानी
 
यहो सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी
 
यहो सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी
 
यहो एक राजा के कहानी संतो एक राजा के कहानी
 
यहो एक राजा के कहानी संतो एक राजा के कहानी
 
यहो सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी


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