रंगहूं तोला संगवारी रे – सुनील सोनी | छत्तीसगढ़ी होली गीत लिरिक्स

 रंगहूं तोला संगवारी रे

 

RANGHU TOLA SANGWARI RE LYRICS

 

छत्तीसगढ़ी होली गीत

 

  • गीत – रंगहूं तोला संगवारी रे
  • स्वर – सुनील सोनी, शिवानी जंघेल
  • गीतकार – रामकुमार साहू
  • संगीतकार – मनोज दीवान, पूनम साहू
  • छत्तीसगढ़ी होली गीत
  • Cast – धनुष साहू, काजल कौशिक


 

स्थायी

रंगहूं तोला संगवारी रे, संगवारी रे

मार के मैं पिचकारी रे

रंगहूं तोला संगवारी रे, संगवारी रे

मार के मैं पिचकारी रे

 

रंग दे मोला संगवारी रे, संगवारी रे

मार के तैं पिचकारी रे

रंग दे मोला संगवारी रे, संगवारी रे

मार के तैं पिचकारी रे


 

अंतरा 1

फागुन महिना उड़े गुलाल

कोयली कस बोली हिरनी के चाल

फागुन महिना उड़े गुलाल

कोयली कस बोली हिरनी के चाल

 

मन म फुले फूलवारी रे, फुलवारी रे

मार के मैं पिचकारी रे

रंगहूं तोला संगवारी रे, संगवारी रे

मार के मैं पिचकारी रे


 

अंतरा 2

आमा हा मउरे मउहा गेदराए

संगी तोर बिना रेहे नई जाए

आमा हा मउरे मउहा गेदराए

संगी तोर बिना रेहे नई जाए

 

डोला ले आ मोर दुवारी रे, मोर दुवारी रे

मार के तैं पिचकारी रे

रंग दे मोला संगवारी रे, संगवारी रे

मार के तैं पिचकारी रे


 

अंतरा 3

ए सरसो फूल संग परसा के रंग

मन मोर नाचे होके मतंग

सरसो फूल संग परसा के रंग

मन मोर नाचे होके मतंग

 

मैं राधा तैं बनवारी रे, बनवारी रे

मार के तैं पिचकारी रे

तैं राधा मैं बनवारी रे, बनवारी रे

मार के मैं पिचकारी रे

 

रंग दे मोला संगवारी रे, संगवारी रे

मार के तैं पिचकारी रे

रंगहूं तोला संगवारी रे, संगवारी रे

मार के मैं पिचकारी रे

 

रंग दे मोला संगवारी रे, संगवारी रे

मार के तैं पिचकारी रे

रंगहूं तोला संगवारी रे, संगवारी रे

मार के मैं पिचकारी रे

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