मोर पतंग के डोरी Mor Patang Ke Dori Lyrics | Dukalu Yadav New Jas Geet

  मोर पतंग के डोरी – दुकालू यादव | 
| Mor Patang Ke Dori Lyrics | 
Dukalu Yadav New Jas Geet 2022
  • गीत : मोर पतंग के डोरी
  • गायक : दुकालू यादव
  • गीतकार : हर्ष कुमार बिन्दु
  • संगीतकार : ओ पी देवांगन
  • लेबल : 360INDIA

 

 

स्थायी
मोर पतंग के डोरी तोर हाथ में ओ दाई
जईसे उड़ाबे उडिहौ जईसे उड़ाबे उड़िहौ
ऊपर उड़ाबे ऊपर उड़िहौ तरी गिराबे तरी गिरिहौ
ऊपर उड़ाबे ऊपर उड़िहौ तरी गिराबे तरी गिरिहौ
मोर पतंग के डोरी तोर हाथ में ओ दाई
जईसे उड़ाबे उडिहौ जईसे उड़ाबे उड़िहौ
अंतरा 1
तोर मर्जी बिन रूख राई के डोले ना डारा पाना ओ
डोले ना डारा पाना
हाथी चाटी चिरई चिरगुन बर देथस तही हा दाना ओ
देथस तही हा दाना
तोर हाथ के खिलौना बने रईहौ जईसे खेलाबे वईसे खेलिहौ
तोर हाथ के खिलौना बने रईहौ जईसे खेलाबे वईसे खेलिहौ
मोर पतंग के डोरी तोर हाथ में ओ दाई
जईसे उड़ाबे उडिहौ जईसे उड़ाबे उड़िहौ
अंतरा 2
तोर कहे ले बोलथन सुनथन कईथस चुप हो जाथन ओ
कईथस चुप हो जाथन
बने बने बर बने हावस तै बैरी के काल के करण ओ
बैरी के काल के करण
देवता कस तोला कहां सुमिरौ तोर चरण मा दाई परे रईहौ
देवता कस तोला कहां सुमिरौ तोर चरण मा दाई परे रईहौ
तोर पतंग के डोरी तोर हाथ मे ओ दाई
जईसे उड़बे उड़िहौ जईसे उड़बे उड़िहौ
अंतरा 3
आगी पानी पवन तही हस धरती तही आगासा ओ
धरती तही आगासा
तोर किरपा ले चलथे सब के काया भीतरी के स्वासा ओ
काया भीतरी के स्वासा
मारू बर दाई दया करिहौ दुख बिन्दु के सदा हरिहौ
मारू बर दाई दया करिहौ दुख बिन्दु के सदा हरिहौ
मोर पतंग के डोरी तोर हाथ में ओ दाई
जईसे उड़ाबे उड़िहौ जईसे उड़ाबे उड़िहौ
ऊपर उड़ाबे ऊपर उड़िहौ तरी गिराबे तरी गिरिहौ
ऊपर उड़ाबे ऊपर उड़िहौ तरी गिराबे तरी गिरिहौ
मोर पतंग के डोरी तोर हाथ में ओ दाई
जईसे उड़ाबे उड़िहौ जईसे उड़ाबे उड़िहौ
जईसे उड़ाबे उड़िहौ जईसे उड़ाबे उड़िहौ

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