देवी बिराजे कोन रूख म | DEVI BIRAJE KON RUKH MA LYRICS | JAS GEET LYRICS 

देवी बिराजे कोन रूख म 

 DEVI BIRAJE KON RUKH MA LYRICS 

JAS GEET LYRICS 

 

  • गीत – देवी बिराजे कोन रूख म
  • स्वर – चम्पा निषाद
  • गीतकार – लक्ष्मण सिंग तारक
  • संगीत – विनय ठाकुर
  • प्रकार – छत्तीसगढ़ी जस गीत
  • लेबल – विएसटी म्यूजिक छत्तीसगढ़ी

स्थायी

कोन रूखवा म कोन देवता बिराजे हो माया

कोन रूखवा म कोन देवी हो मां

कोन रूखवा म कोन देवी हो माया मोरे

कोन रूखवा म कोन देवी हो मां

अंतरा 1

बर म बिराजे बार ब्रम्ह देव पीपल म वसुदेवा

लिम म शीतला माता बिराजे बेल म हे महादेवा

सीता मईया सदा सुहागिन

सीता मईया सदा सुहागिन

मंदार म महाकाली ओ

मंदार म महाकाली ओ

अंतरा 2

वृन्दावती तुलसी म बिराजे दुरवा म दुर्गा मईया

सरतोक बिराजे सरस्वती मईया सबके ज्ञान देवईया

दंतेश्वरी दौना म बिराजे

दंतेश्वरी दौना म बिराजे

चंपा म चंडाली हो मां

चंपा म चंडाली

हां कोन रूखवा म कोन देवता बिराजे हो माया

कोन रूखवा म कोन देवी हो मां

अंतरा 3

चमेली म चंडी खुश होवै परसा म स्वाना रानी

मदन मस्त म महालक्ष्मी कैलाश म सती भवानी

कमल फूल म ब्रम्हा बिराजे

कमल फूल म ब्रम्हा बिराजे

महालीम महरानी हो मां

महालीम महरानी

अंतरा 4

गोंदा म गायत्री बिराजे दशमत म महामाया

लक्ष्मण सीताराम यश गावै सब म बूढ़ी माया

श्रोता वकता आस लगाए

श्रोता वकता आस लगाए

देदे दरस जगपाली हो मईया

देदे दरस जगपाली

कोन रूखवा म कोन देवता बिराजे हो माया

कोन रूखवा म कोन देवी हो मां

कोन रूखवा म कोन देवी हो मां

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