प्रेम के बंधन – चंपा निषाद, अनुराग शर्मा | PREM KE BANDHAN LYRICS | CG RAKSHABANDHAN GEET

💕 प्रेम के बंधन 💕
🌹 PREM KE BANDHAN LYRICS🌹
🎵 CG RAKSHABANDHAN GEET 🎵
  • गीत – प्रेम के बंधन
  • स्वर – चंपा निषाद, अनुराग शर्मा
  • गीतकार – राम कुमार साहू
  • संगीत – हेमराज सिन्हा
  • प्रकार – छत्तीसगढ़ी गीत
  • लेबल – सोनी प्रोडक्शन

स्थायी
जिनगी पहावै भैया सुख के छांव म
सरग निछावर कर दौं मैं हर तोर पांव म
जिनगी पहावै भैया सुख के छांव म
सरग निछावर कर दौं मैं हर तोर पांव म

रेशम के डोरी राखी
रेशम के डोरी राखी
बहिनी बर हे धन
बंधन बंधन प्रेम के बंधन
बंधन बंधन प्रेम के बंधन

अंतरा 1
राखी के धागा नोहै कच्चा कोनो डोर
जनम जनम के बंधना भैया ये हा मोर
हां कतको हा राखी रोवै बिन भाई के निशानी
भाई जेखर होथे वो बहिनी होथे जे हर भाग मानी
भाई बहिनी के मया कभू नई अटाए
बिन पानी मछरी जईसे दुनो छटपटाए
दूनो हिरदय म धड़के
दूनो हिरदय म धड़के
एके धड़कन
बंधन बंधन प्रेम के बंधन
बंधन बंधन प्रेम के बंधन

अंतरा 2
नई चाही सोना चांदी अन्न धन रूपिया
हिदय म रखबे मोर बर नानकुन कुरिया
हां मईके म बाप कस मया देबे तैं हा भाई
दाई के दुलार पुरा करै मोर भौजाई
मोर सुख के मोती हा मिलै तोला बाटा
दुख झन मिलै कभु गड़ै झन काटा
मोला मिल जाए तोरे
मोला मिल जाए तोरे
दुख अलहन
बंधन बंधन प्रेम के बंधन
बंधन बंधन प्रेम के बंधन

जिनगी पहावै बहिनी सुख के छांव म
सरग निछावर कर दौं मैं हर तुंहर नाव म
जिनगी पहावै बहिनी सुख के छांव म
सरग निछावर कर दौं मैं हर तुंहर नाव म
रेशम के डोरी राखी
रेशम के डोरी राखी
भाई के जीवन
बंधन बंधन प्रेम के बंधन
बंधन बंधन प्रेम के बंधन

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