मोर अलख निरंजन – अल्का चन्द्राकर | MOR ALAKH NIRANJAN LYRICS | CG SHIV BHAJAN LYRICS

मोर अलख निरंजन 

| MOR ALAKH NIRANJAN LYRICS |

CG SHIV BHAJAN LYRICS

  • गीत – मोर अलख निरंजन
  • स्वर – अल्का चन्द्राकर
  • गीतकार –
  • संगीत – माधव चन्द्राकर, रामनाराण ध्रुवे
  • प्रकार – छत्तीसगढ़ी शिव भजन
  • लेबल – सुन्दरानी

हर हर बम बम बम
हर हर बम बम बम

अलख निरंजन अलख निरंजन
अलख निरंजन
अलख निरंजन अलख निरंजन
अलख निरंजन

स्थायी
मोर अलख निरंजन डमरू बजावत
माई के दरस बर चले आवै
मोर अलख निरंजन डमरू बजावत
माई के दरस बर चले आवै

तिरलोकी त्रीताल  म नाचै
तिरलोकी त्रीताल म नाचै
देख मईया मुच मुच हासै

अलख निरंजन अलख निरंजन
अलख निरंजन
अलख निरंजन अलख निरंजन
अलख निरंजन

अंतरा 1
गले म शेष नांग लपटाए
माथ म साजै चंदा हो मईया
माथ म साजै चंदा

हर हर हर महादेव कहाए
जटा बिराजै गंगा हो मईया
जटा बिराजै गंगा

बम लहरी संग भूतवा परेतवा
बम लहरी संग भूतवा परेतवा
झूमरी झमर झूम नाचै

अंतरा 2
पांव म घूंघरू हाथ म डमरू
कसे कमर मृग छाला हो मईया
कसे कमर मृग छाला

नंदी भृगी भैरव गण संग
नाचै शिव मतवाला हो मईया
नाचै शिव मतवाला

अवघड़ दानी धूनी रमा के
अवघड़ दानी धूनी रमा के
सुमरी सुमर जस गावै

अंतरा 3
मुसुवा म चढ़ के गणपति आवै
कार्तिक चढ़े मजुरा हो मईया
कार्तिक चढ़े मजुरा

लाल ध्वजा धर लंगुरा आवै
मईया तोर दुवारा आवै
मईया तोर दुवारा

वीणा बजावत नारद आवै
वीणा बजावत नारद आवै
देवता मन करे जय जयकारा

तिरलोकी त्रीताल म नाचै
तिरलोकी त्रीरताल म नाचै
देख मईया मुच मुच हासै

मोर अलख निरंजन डमरू बजावत
माई के दरस बर चले आवै
मोर अलख निरंजन डमरू बजावत
माई के दरस बर चले आवै
मोर अलख निरंजन डमरू बजावत
माई के दरस बर चले आवै
मोर अलख निरंजन डमरू बजावत
माई के दरस बर चले आवै

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