राजा भरथरी कथा Bharthari Geet Lyrics – CG Song Lyrics

राजा भरथरी कथा



1

घोड़ा रोवै घोड़सारे म घोड़सारे म वो
हाथी रोवय हाथीसारे म
घोड़ा रोवै घोड़सारे म घोड़सारे म वो
हाथी रोवय हाथीसारे म
ये दे रानी हा वो महलो म रोवय
ये दे राजा रोवै दरबारे वो दरबारे वो
भाई ये दे जी
ये दे राजा रोवै दरबारे वो दरबारे वो
भाई ये दे जी

सात बैरी सतखंडा ऐ सोला खंड के वो गृह
बत्तीस खंड अंधियारे म
सात बैरी सतखंडा ऐ सोला खंड के वो गृह
बत्तीस खंड अंधियारे म
साय गुजर म 
रानी रोवै दीदी
सुनी ले भगवान
 संगी जहूंरिया
तरिया नंदिया 
ताना मारत हे वो
छोटे छोटे के या
 सुन्दर गोदी म या
बालक खेलत हे वो
मोर अभागिन के गोदी म बालक वो
ये दे नई वो रानी ये दे जी
मोर अभागिन के गोदी म बालक वो
ये दे नई वो रानी ये दे जी

कईसे विधि के कर लिखा ये
नई तो कटे दाई धरे धरर रानी रोवत हे
कईसे विधि के कर लिखा ये
नई तो कटे दाई धरे धरर रानी रोवत हे
फूलवा रानी ये वो
ये दे रोवत हे ना
सुन ले भगवान
दसो अंगरी के ना
ऐ दे बिनती हे ना
मोला कतो जोनी ये दे दिये वो
भगवाने वो भाई ये दे जी
मोला कतो जोनी ये दे दिये वो
भगवाने वो भाई ये दे जी


2
सुन के कलपना रानी के भगवाने हा जी
बैकुठ ले चली आवत हे
सुन के कलपना रानी के भगवाने हा जी
बैकुठ ले चली आवत हे
धर के जोगिया के भेस
रानी बर गा कलेस
ये दे सुन्दर बरन चले आबे गा भाई ये दे जी
ये दे शोभा बरन नई तो जावै गा भाई ये दे जी

गड़ उज्जैन नगर में
जोगी पहूंचत हे ना बारह भंजन के दुवारी म
गड़ उज्जैन नगर में
जोगी पहूंचत हे ना बारह भंजन के दुवारी म
खड़े होई के ना फूलवा रानी ला
बेटी दे दे ना भिक्षा पुकारे ना भाई ये दे जी
रानी दे दे ना भिक्षा पुकारे गा जोगी ये दे जी


3
जउने समय कर बेरा में सुन ले भगवान
जप धर बोलत हे जोगी हा
जउने समय कर बेरा में सुन ले भगवान
जप धर बोलत हे जोगी हा
सुन ले बेटी मोर बात
अमृत पानी ला वो
तैं हा लेले बेटी
हरि नाम ला ना
तैं सुमर के वो
पावन कर ले कैना
ये दे बारह महिना म गोदी वो
बालक हावै वो भाई ये दे जी
ये दे बारह महिना म गोदी वो
बालक हावै वो भाई ये दे जी

कईसे बरन रानी फूलवा ये अई देख तो गिया
अमृत पानी ला झोकत हे
कईसे बरन रानी फूलवा ये अई देख तो गिया
अमृत पानी ला झोकत हे
पईया लागव जोगी
रानी बोलत हे ना
बारह भंजन के
सुन्दर अंगना ले ना
आशीष दे के जोगी
कईसे जावत हे ना
ये दे धरे कमंडल खाला वो
जोगी खाला वो भाई ये दे जी
ये दे धरे कमंडल खाला वो
जोगी खाला वो भाई ये दे जी


4
बालक हर लिये अवतारे सुन्दर
रूप धरे हो ललना
मईया के कोरा गा हरियावै
रानी के भाग जागे हो ललना
मईया के कोरा गा हरियावै
रानी के भाग जागे हो

कांसी ले पंडित वो बलाईके वो
नामे बिचराई के हो ललना
भरथरी नावे गा धराये
मगन मुसकाये हो ललना
भरथरी नावे गा धराये
मगन मुसकाये हो ललना
बाजत हावै ढोल अउ नंगारा
बाजत हे मृदंगा हो ललना
मंगल सोहर अनंदा खुशी हे
सतरंगा हो ललना
मंगल सोहर अनंदा खुशी हे
सतरंगा हो


5
झनी जाना रे बेटा झनी जाना लाला मोर
मानी जाना रे बेटा मिरगा झन मारौ गा
जउने समय के गा भईया बेरिया म रानी बोलय ना
बरजत हावै गा भईया बेटा ये भरथरी ला
डोंगरी पहाड़े रे बाबू जंगल अउ झाड़ी ना
बघवा भालु के रे बेटा जिहा रईथे बासा ना
कईसे के देवौ रे लाला तीरे अउ कमंछा ला
माया के मिरगा रे दुररू भेजे भगवाने गा
पर के बाते गा भैया बरजे मोरे बाते ना
नई तो माने रे भैया राजा भरथरी हा


6
आगु आगु मिरगा भागत हे पाछु पाछु म वो
देखतो दीदी भरथरी ये
आगु आगु मिरगा भागत हे पाछु पाछु म वो
देखतो दीदी भरथरी ये
सांप सरंगनी 
दाई दुरंगनी
हरि नाव के उजार 
उपठुरकी ये वो
बागचोपी ये ना
मोरे मारत हे मिरगा सपेटा वो
ये सपेटा वो भाई ये दे जी
मोरे मारत हे मिरगा सपेटा वो
ये सपेटा वो भाई ये दे जी

छै आगर छै कोरी मिरगिन
ये दे बईठे हे वो काला मिरगा हा पहुंचत हे
छै आगर छै कोरी मिरगिन
ये दे बईठे हे वो काला मिरगा हा पहुंचत हे
सुन ले भगवान
रानी बोलत हे ना
सिंगलटिप के वो
तिलक रानी ये ना
सुन ले जोड़ी मोर बात
छुटकारी के वो
मोर पछिना ये ना
तोला का तो दुख जोड़ी परे वो
ये बता दे वो भाई ये दे जी
तोला का तो दुख जोड़ी परे वो
ये बता दे वो भाई ये दे जी

जउने समय करा बेरा म मोरे मिरगा वो
देथे मिरगिन के जवाबे ला
जउने समय करा बेरा म मोरे मिरगा वो
देथे मिरगिन के जवाबे ला
सुन ले मिरगिन मोर बात
काला मिरगा के आज
चले आये हे ना
एक जोगी ये वो
वो कुदावत हे ना
मोर चोला ला लेबे बचाये वो
ये बचाये वो भाई ये दे जी
मोर चोला ला लेबे बचाये वो
ये बचाये वो भाई ये दे जी

जप धर बोलत हे मिरगिन राजा सुन ले मोर बात
कैना बचन मोर मान जाबे
जप धर बोलत हे मिरगिन राजा सुन ले मोर बात
कैना बचन मोर मान जाबे
छै आगर हे
छै कोरी मिरगिन
मान छटवा नई मार
मोर काला मिरगा झन मारौ वो
राजा मारौ वो भाई ये दे जी
मोर काला मिरगा झन मारौ वो
राजा मारौ वो भाई ये दे जी

गउ मारे हईता लगथे तिरिया मार के
लेवव काबर मैं हा पापे ला
गउ मारे हईता लगथे तिरिया मार के
लेवव काबर मैं हा पापे ला
काला मिरगा ला ना मैं हा मारिहौं गोई
भरथरी हा ना
 एक गाछ मारे
दुसरईया में वो
 हिरदय म गड़े
तीसरईया बर राम राम कहिके वो
मिरगा गिरे वो मिरगा गिरे वो
भाई ये दे जी
तीसरईया बर राम राम कहिके वो
मिरगा गिरे वो मिरगा गिरे वो
भाई ये दे जी


7
मोर जउन समय कर बेरा मे रागी
बोलन लागे गुरू गोरखनाथे
राजा भरथरी ला भाई
धोई लेबे कलंक राजा माथा के का
तोला सरापे मिरगिन के राजा मोरे भाई

बन के जोगी राजा करले तपस्या
झाड़ी जंगल में खाई खंधक में
धूनी रमा ले ना मोरे भाई
सात जोनी ये ना सात जनमे के गा
भेद जान ले राजा तोरे मुड़ के बोझा मोरे भाई

ये दे सुन के बचन राजा भरथरी गा रोवै
कलपे कलप दिस कईसे करम
भगवाने हा गा मोर भाई
गिर के मांगे शरन गोहरावै लाला
नई तो मानेव माता
तोरे बाते ला वो मोर दाई

माता हो के अनित मईया देदे अशीष
छोड़ राज रतन रइहौ जोगे माता
साधौ मन म जोगे मोरे दाई
मोला लागे सरापा मिरगिन के माता
गुरू के गा शरण रइहौ मिरगा जियाय
त मैं छाती जुड़ाय मोर दाई


8
बारह भंजन करि अंगना म दाई
अंगना म दाई
सोन के मड़वा गड़ाये रे भाई
सोन के मड़वा गड़ाये
जेमा मुंगा मोतिन गा जड़ाये रे भाई
मुंगा मोतिन गा जड़ाये
राजा भरथरी के रच के बिहावे
रच के बिहावे
साम देई कईना पाये गा भाई
साम देई कईना पाये
जईसे राजा तइसन कईना भाये गा भैया
 राजा तइसन कैना भाये

देशे बिदेशे नेवता भेजत हे
नेवता भेजत हे
पियर चाउर संग पाती गा भैया
पियर चाउर संग पाती
जिहा बडे़ बड़े राजा परतापी गा भईया
बडे बड़े राजा परतापी

सिर पर पगड़ी पगड़ी पर मउरे
सिर पर पगड़ी पगड़ी पर मउरे
काने म कुंडल मोतियन माला पहिरे
काने म कुंडल मोतियन माला पहिरे
राजा भरथरी के लगिन परत हे
राजा भरथरी के लगिन परत हे
दाई के अंखियन ले आंसू झरत हे
दाई के अंखियन ले आंसू झरत हे
बारह बछर तोर पुर गे रे बेटा
बारह बछर तोर पुर गे रे बेटा
दाई ले सुरता बिसर गे रे बेटा
दाई ले सुरता बिसर गे रे बेटा
मन ला सुवासे दाई मउरे वो सोपत हे
मन ला सुवासे दाई मउरे वो सोपत हे
जोगी के कहना ला मन म गुनत हे
जोगी के कहना ला मन म गुनत हे


9
जाई के बैरी हा बईठत हे मोर कछेरी ये वो
भरे कछेरी दरबारे म
जाई के बैरी हा बईठत हे मोर कछेरी ये वो
भरे कछेरी दरबारे म
राजा बोलत हे वो
सुन ले भगवान
कातो जानी ये ना
मैं कमाये हौं ना
रानी संगे म हो
सुख नई हे गिया
मोर कईसे बिधि राजा सोचे वो
राजा सोचे वो भाई ये दे जी
मोर कईसे बिधि राजा सोचे वो
राजा सोचे वो भाई ये दे जी

लावे लस्तर वो सजाई के दीदी पहुंचत हे ना
भरथरी दिल्ली नगर मा
लावे लस्तर वो सजाई के दीदी पहुंचत हे ना
भरथरी दिल्ली नगर मा
सरहद म वो
तांबू गाड़त हे ना
काबर रखे राजा
मानसिंग ला या
चले आये हे वो
भरथरी ये ना
ये दे रानी ला राजा बताये वो
ये बताये वो भाई ये दे जी
ये दे रानी ला राजा बताये वो
ये बताये वो भाई ये दे जी

कईसे बानी राजा भरथरी ये दे पुछत हे वो
देखतो रानी रूपदेई ला
कईसे बानी राजा भरथरी ये दे पुछत हे वो
देखतो रानी रूपदेई ला 
सुन ले सारी मोर बात
मोर मुड़े के ना
जगपर बोझा हे ना
हल्का कर दे कैना
सोन पलंग हा
कईसे टूटिस हे ना
काबर हासै रानी
मोला हाल ला तैं हा बतादे वो
राजा बोलै वो भाई ये दे जी
मोला हाल ला तैं हा बतादे वो
राजा बोलै वो भाई ये दे जी




10
सुवना के पेट ले जनम धरे रे रानी
कगरा ले बईठे सुवा बोले
सुवना के पेट ले जनम धरे रे रानी
कगरा ले बईठे सुवा बोले
अइसे गुरतुर बोली राजा सुने रे सुवना
भेद ला दईबे बताये
तैं तो आगु जनम के मोर सारी रे सुवना
भेद ला दईबे बताये

दूसर जोनी रानी कौआ के धर के
खोंधरा म लिये अवतारे
दूसर जोनी रानी कौआ के धर के
खोंधरा म लिये अवतारे
राजा पुछत हे कौआ बता दे रे भाई
सोन के पलंग कईसे टूटे
कौआ तजत हे आज पराने रे भाई
भेदिया के भेद रहि जाये

तीसर जनम रानी गाय के पेट ले
बछिया जनम धरि आये
तीसर जनम रानी गाय के पेट ले
बछिया जनम धरि आये
राजा पुछत हे बछरू बता दे रे भाई
सोन के पलंग कईसे टूटे
पूछि पटक प्राण तजे रे भाई
भेदिया के भेद रहि जाये

चार जनम रानी बिलई के तज धरी
कोठी म लिये अवतारे
चार जनम रानी बिलई के तज धरी
कोठी म लिये अवतारे
राजा पुछत हे बिलया बता दे रे भाई
सोन के पलंग कईसे टूटे
जीव छोड़े गोड़ा म खुसर के रे भाई
भेदिया के भेद रहि जाये
11
जउने दिना मोर बिहाव का होही
ले जाही गउना कराये रे मोर रामे रामा
जउने दिना मोर बिहाव का होही
ले जाही गउना कराये रे मोर रामे रामा
तैं हा आ जाबे भाटो हमार रे मोरे रामे रामा
तोरे भेद ला देहूं बताय रे मोरे रामे रामा
 
अतका बचन ला सुन के राजा 
लहुटत हे अपन दुवारे रे मोरे रामे रामा
अतका बचन ला सुन के राजा 
लहुटत हे अपन दुवारे रे मोरे रामे रामा
राजा कलपे कलप मन बिचारे रे मारे रामे रामा
राजा कटे ना दिन मोर करारे रे मोर रामे रामा
 
नई तो लागे मन खाये पीये म 
न लागे मन दरबारे मे मोर रामे रामा
नई तो लागे मन खाये पीये म 
न लागे मन दरबारे मे मोर रामे रामा
मोर दिल रहे घबराये रे मोर रामे रामा
देवता कईसे बिपत म डारे रे मोर रामे रामा


 
12
सुन के बचन राजा मन के 
करत हावै रे बिचार
जावव तो मैं कहां जावव
अब ले लेथौ मैं बैराग 
छाये चारो मुड़ा अंधियारी चोला तरसत हे ना
नई तो दिखे कहूं उजियारी चोला तरसत हे ना
 
कर के सुमिरन राजा गुरू के गा चले गोरखपुर धाम
छोड़ राजा रजबाड़ा छोड़ टपकत आंसू के धार
लिये जोग बने बनवासी राजा तरसत हे ना
हो गे आज राजा बनवासी चोला तरसत हे ना
 
झेंझरी महल ले रानी रोवत हावै
माता रावै धारो धार
गइया रोवे अमरईया रोवै जिहा हंसन करे गोहार
झन लेबे राजा बईरागे चोला तरसत हे ना
झन लेबे राजा बईरागे चोला तरसत हे ना
 
नर नारी रावै नगर के रे रोवत हे अंगना दुवार
खोर गली कुंवा बावली रोवत हे रोवत हे कदली कछार
छोड़े काखर हमला सहारे चोला तरसत हे ना
हावे कउने हमर रखवारे चोला तरसत हे ना


 
13
जउने समय करा बेरा मे भरथरी ये वो
भिक्षा मांगे चले आवत हे

 

जउने समय करा बेरा मे भरथरी ये वो
भिक्षा मांगे चले आवत हे

 

डंका पारत हे ना
गोरखनाथ के ना
रानी सुनत हे या
चेरिया ला बलाये
भीख मांगे ल या 
कोन आये हे या
जा के दे आना भिक्षा मोर बोले वो
रानी बोले वो भाई ये दे जी
जा के दे आना भिक्षा मोर बोले वो
रानी बोले वो भाई ये दे जी
 
थारी म मोहर धर के ये दे चंपा ये वो
देख तो दीदी चली आवत हे
थारी म मोहर धर के ये दे चंपा ये वो
देख तो दीदी चली आवत हे
तेला देखी के ना 
भरथरी ये या
भिक्षा लेले जोगी
चंपा बोलत हे ना
तोरे हाथ ले वो
भीख नई तो लेवव
लेहूं भिक्षा आज मैं तो रानी ले 
जोगी बोलय वो भाई ये दे जी
लेहूं भिक्षा आज मैं तो रानी ले 
जोगी बोलय वो भाई ये दे जी
 
कईसे बैरी मुसकी धरत हे 
मुसकावत हे ना हीरा कस दांत झलक जाये
कईसे बैरी मुसकी धरत हे 
मुसकावत हे ना हीरा कस दांत झलक जाये
चंपा सोचत हे ना 
मुहुर वो दीदी
 राजा कस वो दिखै
चंपा बोलथे ना 
चिन्ह डारेव राजा
जोगी बन के वो 
राजा आये हे ना
चंपा दउड़त जा के बताये वो
सामदेई वो भाई ये दे जी
चंपा दउड़त जा के बताये वो
सामदेई वो भाई ये दे जी


 
14
कईसे ये दिन गा दिखाये विधाता मोला
कईसे ये दिन गा दिखाये ना
कईसे ये दिन गा दिखाये विधाता मोला
कईसे ये दिन गा दिखाये ना
हाय रे विधाता मोला कईसे ये दिन गा दिखाये ना
हाय रे विधाता मोला कईसे ये दिन गा दिखाये ना
 
कउने घड़ी म तै हा सिरजे मोला मोर दाई 
काखर संग वो धराये ना 
मईके म रेहे रेतेव जनम कुंवारी दाई
यहातर दुख नई सहाये ना
सरबस छोड़ बैराग धरे हे 
सरबस छोड़ बैराग धरे हे राजा
पल म बैरागिन बनाये विधाता मोला 
कईसे ये दिन गा दिखाये ना
हाय रे विधाता मोला कईसे ये दिन गा दिखाये ना
 
घर के जोड़ी ह मोला माता कहत हे दाई
करम कईसे बैरी बनाये ना
देदे ना भिक्षा माता बेटा कहिके वो दाई
राजा नई माने समझाये ना
जोड़ी ला बेटा कइसे कहिके गोहारौ
जोड़ी ला बेटा कइसे कहिके गोहारौ
भारी विपत में फंसाये विधाता मोला
कईसे ये दिन गा दिखाये ना
कईसे ये दिन गा दिखाये विधाता मोला
कईसे ये दिन गा दिखाये ना
हाय रे विधाता मोला कईसे ये दिन गा दिखाये ना
हाय रे विधाता मोला कईसे ये दिन गा दिखाये ना

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