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मोर पथरा के देवता Mor Pathra Ke Devta Lyrics - Rajnikant Sahu Jas Geet Lyrics

 

मोर पथरा के देवता 
Mor Pathra Ke Devta Lyrics 
Rajnikant Sahu Jas Geet Lyrics 

  • गीत - मोर पथरा के देवता
  • स्वर - रजनीकांत साहू
  • गीतकार - चंदन कश्यप
  • संगीत- चंदन कश्यप
  • लेबल - सीके क्रिएटिव वीडियो


मोर पथरा के देवता बोलय नहिं,

 हालय न कहू डोलय नहि-2 ।।

 मै काला बतावव मै काला सुनावव, 

मन के पिरा दाई मोर, हाबय बस आसे ओ तोर... 

मन के पिरा दाई मोर, हाबय बस आसे ओ तोर...2


अंतरा 1

तोरे दुवारी म आएव दाई, पाये लेतेव दरश ल तोर ओ......

को-पाये लेतेव दरश ल तोर ओ.....2

बैरी दुनिया ले सताए हव दाई, लेले मोला शरन म तोर ओ....

को-लेले मोला शरन म तोर ओ...

बिना सवारत के पुछय नहि, पैसा बिना दुनिया चलय नहि-2

 मै काला बतावव मै काला सुनावव,

 मन के पिरा दाई मोर, हाबय बस आसे ओ तोर...

मन के पिरा दाई मोर, हाबय बस आसे ओ तोर...2


अंतरा 2

अब तो मोर दिन ह पहागे, जिनगी बिते हे कठीन म दाई ओ...

को-जिनगी बिते हे कठीन म दाई ओ...2

कोनो बेरा कोने समय म माता, 

तन ले सुवना उड़ जाहि एकदिन तन ले सुवना उड़ जाहि, 

कोनो बेरा कोन पनछिन म दाई ओ.

को-कोनो बेरा कोन पनछिन दाई ओ 2

 तोरे दरश बिना टलय नहि, माटी के चोला तरय नहि-2

 मै काला बतावव मै काला सुनावव,

 मन के पिरा दाई मोर, हाबय बस आसे ओ तोर... 

मन के पिरा दाई मोर, हाबय बस आसे ओ तोर...2

मोर पथरा के देवता बोलय नहिं, हालय न कहू डोलय नहि

मै काला बतावव मै काला सुनावव,

 मन के पिरा दाई मोर, हाबय बस आसे ओ तोर...

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