माँ तोर सुरता आथे वो
Maa Tor Surta Aathe Wo Lyrics
Dukalu Yadav Bhakti Geet Lyrics
- गीत - माँ तोर सुरता आथे वो
- स्वर - दुकालू यादव
- गीतकार - जयदास मानिकपुरी
- संगीत - मनोज दीवान
- प्रकार - छत्तीसगढ़ी जस गीत
- लेबल - म्यूजिक स्टेशन छत्तीसगढ़
स्थायी
माँ तोर सुरता आथे वो मोला सुरता आथे ना
माँ तोर सुरता आथे वो मोला सुरता आथे ना
कोरा म खेला के झूलना झूलाए
थन के दूध ला मोला पियाए
कोरा म खेला के झूलना झूलाए
थन के दूध ला मोला पियाए
सुरता म बड़ रोवाथे वो
माँ तोर सुरता आथे वो मोला सुरता आथे ना
माँ तोर सुरता आथे वो मोला सुरता आथे ना
अंतरा 1
दुख पीरा ला सही के मईया दुनिया म मोला लाए वो
अंगरी धर के मोला मईया रेंगे ला सिखाए वो
भुखन लांघन रही के मईया दिन भर कमाए वो
अपन बांटा के कांवरा ला मोला दाई तैं खवाए वो
माता तोला मैं कईसे भूलाहूं तोर मया ला अउ कहां पाहूं
माता तोला मैं कईसे भूलाहूं तोर मया ला अउ कहां पाहूं
रही रही के आंसू बोहाथे वो
माँ तोर सुरता आथे वो मोला सुरता आथे ना
माँ तोर सुरता आथे वो मोला सुरता आथे ना
अंतरा 2
घर के कुरिया परछी अंगना लागे सुन्ना सुन्ना वो
छोड़ के चल देस तैं हा मईया कईसे जिहूं तोर बिना वो
छुटगे दाई बांधे रेहेस वो मया पिरित के बंधना
तोर दरस बर तरस जाही अब ये मोर नैना
जिनगी मोर हे अंधियारा तोर बिना हंव बेसहारा
जिनगी मोर हे अंधियारा तोर बिना हंव बेसहारा
ये दुनिया हांसी उड़ाथे वो
माँ तोर सुरता आथे वो मोला सुरता आथे ना
माँ तोर सुरता आथे वो मोला सुरता आथे ना
अंतरा 3
एक जनम नहीं हर जनम म महतारी तोला पावव वो
तोर सेवा ला बजा के दाई दूध के कर्जा छुटावव वो
चईत अउ कुंवार म तोर नाव के ज्योत जलावव वो
महतारी मैं तोरेच बेटा दुनिया म कहावव वो
सुमर सुमर जयदास कोसरिया हाथ जोड़ के परौ पईया
सुमर सुमर जयदास कोसरिया हाथ जोड़ के परौ पईया
जिनगी भर तोर जस तोर गातेंव वो
माँ तोर सुरता आथे वो मोला सुरता आथे ना
माँ तोर सुरता आथे वो मोला सुरता आथे ना
कोरा म खेला के झूलना झूलाए थन के दूध ला मोला पियाए
कोरा म खेला के झूलना झूलाए थन के दूध ला मोला पियाए
सुरता म बड़ रोवाथे वो
माँ तोर सुरता आथे वो मोला सुरता आथे ना
माँ तोर सुरता आथे वो मोला सुरता आथे ना
माँ तोर सुरता आथे वो मोला सुरता आथे ना
माँ तोर सुरता आथे वो मोला सुरता आथे ना
