अंधियारी रतिया म दाई मोर आये हे
Andhiyari Ratiya Ma Dai Mor Aaye He Lyrics -
Deepak Nirmalkar Jas Geet Lyrics
- गीत - अंधियारी रतिया म दाई मोर आये हे
- स्वर - दीपक निर्मलकर
- संगीत - चन्दन कश्यप
- गीतकार - चंदन कश्यप
- लेबल - सीके क्रिएटिव वीडियो
अंधियारी रतिया म दाई मोर आये हे
चलना मना देगा बईगा भारी गुस्साये हे।।
अउ भारी गुस्साये हे बईगा भारी गुस्साये हे
चलना मना देगा बईगा भारी गुस्साये हे।।
अंतरा 1
कल कल करत हे बईगा, चुदी मुड़ी छरियाये गा
चुदी मुड़ी छरियाये।
काला खावव काला बचावव, कहिके चिल्लाये गा
कहिके चिल्लाये। ।।
अउ तीर मा जाहु कहिथव मोला गुर्राये....
चलना मना देगा बईगा भारी गुस्साये हे।।
अंतरा 2
लफ लफ जिभिया लमा के मोला डरवाये गा
मोला डरवाये।
खाडा खप्पड देख के बईगा जी हर घबराये गा
जी हर घबराये।
अउ नजरे नजर मा बईगा चारो धाम दिखाये हे
चलना मना देगा बईगा भारी गुस्साये हे।।
अंतरा 3
हाथ हाथ के करधन पहिरे मुड़ी मुड़ी के माला गा
मुड़ी मुड़ी के माला
तीर मा मै हर जाहू कहिथव मुह से निकले ज्वाला गा
मुह से निकले ज्वाला
अउ लागत हे अईसे जैसे काले हर आये हे
चलना मना देगा बईगा भारी गुस्साये हे।।
अंतरा 4
धरती डोले अम्बर कॉपे जब ओ चिल्लाये गा
जब ओ चिल्लाये
चार लाख चौरासी योनी मोला ओ देखाये गा
मोला ओ दिखाये ।।
अउ बईठे हे आदि भुवन मा धुनी लमाये हे
चलना मना देगा बईगा भारी गुस्साये हे।।
