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तोर जोत जलत हे - कांतिकार्तिक Tor Jot Jalat He Lyrics | Jas Geet Lyrics

तोर जोत जलत हे 
 Tor Jot Jalat He Lyrics 
Jas Geet Lyrics

  • गीत - तोर जोत जलत हे
  • स्वर - कांतिकार्तिक यादव
  • गीतकार - दास मनोहर
  • संगीतकार - ओ पी देवांगन
  • म्यूजिक लेबल - कोक क्रिएशन




स्थायी

ओ मैया जगमग जगमग वो

ओ दाई जगमग जगमग वो

मैया जगमग जगमग वो

दाई जगमग जगमग वो 

तोर जोत जलत हे 

तोरे सहारा सारी दुनिया चलत हे



अंतरा 1

ये मोर तन मन हिरदय म माता

बसे हे तोरे मूरत वो

देखौ मैया जउन दिशा मै

दिखथे तोरे सूरत वो

हो मैया छिन छिन पल पल वो

हो दाई छिन छिन पल पल वो

मैया छिन छिन पल पल वो

दाई छिन छिन पल पल वो

मोर सांसा जपत हे 

तोरे सहारा सारी दुनिया चलत हे


अंतरा 2

हर जिनिस के मोल इहा हे

तोर ममता अनमोल हे वो

ममता के छंइहा म जिनगी पहातेंव

सुनतेंव मैं मीठ बोल ला वो

हो मैया तोर डेहरी म वो

हो दाई तोर दुवारी म वो

मैया तोर डेहरी म वो

दाई तोर दुवारी म वो 

खाली झोली भरत हे 

तोर सहारा सारी दुनिया चलत हे


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