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अमृतवाणी गुरू घासीदास के - कांतिकार्तिक | AMRITWANI GURU GHASIDAS KE LYRICS

 

💕 अमृतवाणी गुरू घासीदास के 💕
🌹AMRITWANI GURU GHASIDAS KE LYRICS 🌹
🎵 PANTHI GEET LYRICS 🎵
  • गीत - अमृतवाणी गुरू घासीदास के
  • स्वर - कांतिकार्तिक यादव
  • गीतकार - हर्ष कुमार बिन्दु
  • संगीत - ओपी देवांगन
  • प्रकार - छत्तीसगढ़ी पंथी गीत
  • लेबल - 360INDIA



छत्तीसगढ़ के माटी ला करथौ मैं परनाम
घासीदास गुरू जनमें इहां हावै पबरित धाम

घासीदास गुरू के महिमा सुनहु ध्यान लगाए
हावै संत के अवतारी सत के रद्दा देखाए

रइपुर जिला गिरौदपुरी गांव के हावै कहानी
जनमे बाढ़े गांव म घासीदास महाज्ञानी

सन् 1756 म गुरू हा जनम धरे
अमरौतिन माता हरे महंगु पिता हरे

ननकु मनकु गंगा जोगी भाई गुरू के आए
सिरपुर गुरू के ससुराल ए सफुरा संग बिहाए

1850 म निकले गुरू बाबा ज्ञानी
पता ठिकाना नई मिलै बनगे अमर कहानी

घासीदास गुरू संदेशा जन जन मन म समाए
गुरू चरण म श्रद्धा सुमन बिन्दु कांति चढ़ाए
श्रद्धा सुमन चढ़ाए चरण म गुरू के महिमा गाए
सतनाम के अलख जगाए बाबा सत ला सार बताए

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