Type Here to Get Search Results !

Advertisement

अंगना दुवारी उजरातेंव - कांतिकार्तिक यादव Angna Duwari Ujratev Lyrics | Jas Geet Lyrics

 अंगना दुवारी उजरातेंव 
Angna Duwari Ujratev Lyrics 
Jas Geet Lyrics

  • गीत - अंगना दुवारी उजरातेंव
  • स्वर - कांतिकार्तिक यादव
  • गीतकार - गुरूदेव मौनी लाला जी
  • संगीत - ओपी देवांगन
  • प्रकार - छत्तीसगढ़ी जस गीत
  • लेबल - कोक क्रिएशन



स्थायी

जानी सुनी पातेंव दाई 

जानी सुनी पातेंव मईया

तोला आवत हे कहिके

अंगना दुवारी उजरातेंव

हो माया मोरे

अगल बगल बहिरातेंव

हो अंगना दुवारी उजरातेंव

हो माया मोरे अगल बगल बहिरातेंव


जानी सुनी पातेंव दाई 

जानी सुनी पातेंव मईया

तोला आवत हे कहिके

अंगना दुवारी उजरातेंव

हो माया मोरे

अगल बगल बहिरातेंव



अंतरा 1

शीतला शस्तर बाहरी ले दाई 

अंगना खोर उजरातेंव

पतित पावन जल गंगा ले

डेरउठी मैं हा लिपातेंव


आनी बानी के रंग रंगीली

चौक सुग्घर के पुरातेंव

हिरदय के बैठक बैसकी माहु

सउहे तोला बईठातेंव

सेउक बेटा बन के तोर

महतारी हावस तैं मोर

सेउक बेटा बन के तोर

महतारी हावस तैं मोर


थोरिक सेवा ला मैं बजातेंव

जानी सुनी पातेंव दाई

जानी सुनी पातेंव मईया

तोला आवत हे कहिके

अंगना दुवारी उजरातेंव

हो माया मोरे अगल बगल बहिरातेंव


अंतरा 2

हिरदय काठ के रूप सत ला

पिड़हा पलना बिसातेंव हो

मन रसनी ले सिंगार के झूलना

पुरवाही संग झूलातेंव हो


आनी बानी के पंदरा सिंगार ले 

चुक चुक ले सिंगरातेंव हो

मेंहदी माहुर ले नख नख लाली

काजर के चिनहा लगातेंव हो

विष्णु चरण अमृत सुग्घर 

चरण पखारहूं मन भर

विष्णु चरण अमृत सुग्घर 

चरण पखारहूं मन भर


भगती म तोरे मैं सनातेंव

जानी सुनी पातेंव दाई

जानी सुनी पातेंव मईया

तोला आवत हे कहिके

अंगना दुवारी उजरातेंव

हो माया मोरे अगल बगल बहिरातेंव


अंतरा 3

मया मया के दीयना बाती

आशा के तेल भराए हो

आतम ज्योति ले माटी दीयना

भगती ज्योत ले जलाए हो


भाग मानी जाने भगती ला 

सुग्घर मन रिगबिगाए हो

ज्योति रूप सउहे महामाई

परछो अपन देखाए हो


सिरतोन हावै परमाने

जाने तेन हर गा माने

सिरतोन हावै परमाने

जाने तेन हर गा माने


कुछु ला बिसार के मै पातेंव

जानी सुनी पातेंव दाई

जानी सुनी पातेंव मईया

तोला आवत हे कहिके

अंगना दुवारी उजरातेंव

हो माया मोरे अगल बगल बहिरातेंव


अंतरा 4

दस अंगरी के बिनती हे दाई 

अछरा म अपन दुलार दे

मुरहा पोटहा चरण परे हव

जिनगी ला मोर संवार दे


भगती भाव ले भर दे मन ला

बिकार जम्मो उझार दे

दस इन्द्री ला निर्मल कर

कांतिकार्तिक ला तार दे

जम्मो भगत ला तार दे दाई

सगरो जगत ला उबार दे


मौनी लाला पौरी परे हे

नित तोर ध्यान धरे हे

मौनी लाला पौरी परे हे

नित तोर ध्यान धरे हे


तोर सुर म दाई गुनगुनातेंव

जानी सुनी पातेंव दाई

जानी सुनी पातेंव मईया

तोला आवत हे कहिके

अंगना दुवारी उजरातेंव

हो माया मोरे अगल बगल बहिरातेंव


Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.