रंग लगाहू तोला लिरिक्स – दिलीप राय

 रंग लगाहू तोला – दिलीप राय 

 

अरे ये गोरी सुन वो

मोटरिया के झन धर जवानी ला

गाल में रंग लगवा लेना रे

भींजवा ले ना रे तोर चोली ला


स्थाई

तोर तन बदन हे सुक्खा मोर रंगाए बिना वो

जाना रहे रईबे दुच्छा पर जाबे सिट्ठा वो

तोर तन बदन हे सुक्खा मोर रंगाए बिना वो

जाना रहे रईबे दुच्छा पर जाबे सिट्ठा वो


तोर मया ले तोर मया ले 

तोर मया ले वो 

तोर मया ले तोर मया ले 

घूरहा भजिया मिट्ठा


तोर तन बदन हे सुक्खा मोर रंगाए बिना वो

जाना रहे रईबे दुच्छा पर जाबे सिट्ठा वो

तोर बदन हे सुक्खा

अंतरा 1

साल भर के तिहार होली हा वो

आना रंगवा ले तोर चोली ला वो

साल भर के तिहार होली हा वो

आना रंगवा ले तोर चोली ला वो


साल भर के तिहार होली हा वो

आना रंगवा ले तोर चोली ला वो

साल भर के तिहार होली हा वो

आना रंगवा ले तोर चोली ला वो



तोर मया ले तोर मया ले 

तोर मया ले वो 

तोर मया ले तोर मया ले 

घूरहा भजिया मिट्ठा


तोर तन बदन हे सुक्खा मोर रंगाए बिना वो

जाना रहे रईबे दुच्छा पर जाबे सिट्ठा वो

तोर बदन हे सुक्खा

अंतरा 2

करहूं याद गोरी ये दिन ला वो

जाबे ससुराल गाहूं तोर गुन ला वो

करहूं याद गोरी ये दिन ला वो

जाबे ससुराल गाहूं तोर गुन ला वो


करहूं याद गोरी ये दिन ला वो

जाबे ससुराल गाहूं तोर गुन ला वो

करहूं याद गोरी ये दिन ला वो

जाबे ससुराल गाहूं तोर गुन ला वो


तोर मया ले तोर मया ले तोर मया ले वो

तोर मया ले तोर मया ले 

कांदा भाजी मिट्ठा

तोर तन बदन हे सुक्खा मोर रंगाए बिना वो

जाना रहे रईबे दुच्छा पर जाबे सिट्ठा वो

तोर तन बदन हे सुक्खा मोर रंगाए बिना वो

जाना रहे रईबे दुच्छा पर जाबे सिट्ठा वो

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